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एक देश, एक विधान, एक कानून सब पर लागू हो- गोपाल शेट्टी
Sunday, April 10, 2016 - 1:46:39 PM - By श्याम यादव

एक देश, एक विधान, एक कानून सब पर लागू हो- गोपाल शेट्टी
साक्षात्कार के दौरान की तस्वीर
शेट्टी 1980 में भाजपा के कार्यकर्ता बने; और अपने सामाजिक कार्यों के कारण 1992 में पहली बार नगरसेवक बने। इनके कुशल कार्यों के कारण इन्हें "कार्य सम्राट" की उपाधि से जनता ने नवाज़ा। फिर अपनी संघर्षशील छवि और अच्छे कार्यों से विधायक बने और आज उत्तर मुंबई के सांसद हैं। इन्हें उत्तर मुंबई में उद्यान सम्राट के नाम से जाना जाता है।

कार्य सम्राट सांसद गोपाल शेट्टी से हुए संवाद के कुछ अंश...।

श्यामजी -आप पहली बार 1992 में नगरसेवक बनने से आज MP बनाने तक का अनुभव कैसा रहा?
गोपाल शेट्टी- 1992 में जिस काम के लिए पार्टी में आया था आज भी वही काम कर रहा हूं। एरिया बढ़ गया है माल गांव जैसे परिसर में पानी लाइट शौचालय गटर यह सारा काम लोग लाते हैं और यह सारा काम करना पड़ रहा है छोटे से छोटा काम भी करता हूं और बड़े से बड़ा भी काम करता हूं जो कोई भी मेरे पास समस्या लेकर आता है मैं उसका समाधान करने की पूरी कोशिश करता हूं।
श्यामजी- आपने पूर्व सांसद संजय निरुपम को भारी मतों से हराया इसका श्रेय आप किसको देंगे?
गोपाल शेट्टी- मैंने नहीं हराया और मैं कौन होता हूं हराने वाला जनता ने हराया; जनता जब तय करती है, तो पूरा कर देती है। इसलिए लोकशाही में जनता का आदर करना चाहिए। 1992 में जितने बजे मैं लोगों मिलता था आज भी उतने ही बजे सुबह मैं लोगों से मिलता हूं।
श्यामजी- भाजपा पर बार-बार असहिष्णुता का आरोप लग रहा है उस पर आपका क्या कहना है?
गोपाल शेट्टी- नहीं देखिए सो कॉल्ड कुछ बुद्धिजीवी है और कुछ मीडिया के लोग हैं। यह मैं कहूंगा कि यह लोग कांग्रेस के पैरोल में काम करते हैं। ऐसा कहने में कोई अतिसूक्ति नही होगी। क्योंकि इस देश में सौ हिंदू मरता है तो उसे कोई नहीं पूछता, लेकिन नॉनहिंदू मरता है, तो उसके बारे में कोई टिप्पणी होती है तो सारे लोग बाजार में उतर पड़ते हैं। यह देश हित लिए अच्छा नहीं है। कायदा बना हुआ है इस देश में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने के पहले दिन से ही कह रही है, एक देश, एक विधान, एक कानून सब पर लागू हो, ना जात का भेदभाव ना भाषा का और ना रंगभेद का । सबको समान अधिकार मिले। सबका साथ सबका विकास।
श्यामजी- भाजपा में आज आप एक कद्दावर नेता के रूप में हैं, आपका क्या कहना है?
गोपाल शेट्टी- नहीं, मैं कद्दावर नेता नहीं हूँ। मैं पार्टी का एक कार्यकर्ता हूँ। जनता ने मुझे केंद्र में भेजा। मैं काम कर रहा हूँ। पार्टी मुझे बहुत सारी जवाबदारी दे रही है। मुझे राजस्थान का प्रभारी बनाया। फाइनेंस कमेटी जैसे बड़े कमेटी का मैंबर बनाया गया। मैं टेक्सचर कमेटी का मैंबर हूँ। इन दिनों में जो सलेक्ट कमेटी बनी है उसका भी मुझे मेंबर बनाया है। तो पार्टी जो भी काम मुझे देती है करता हूँ।
श्यामजी- भगवा आतंकवाद मुद्दे पर आपकी क्या राय है?
गोपाल शेट्टी- देखिए यह लोगशाही में ये चलता रहेगा। कोई हरा आतंकवाद की बात करता है तो फिर उसका उत्तर भगवा आतंकवाद से होगा। भगवा आतंकवाद का हम पर कोई आरोप लगाता है तो हम उसका रिवर्स बात करते हैं। यह लोकशाही का प्रतीक है, लेकिन लोगों को जनहित में बात करनी चाहिए ऐसी बात नहीं करनी चाहिए जिससे जनहित हो। हम सब इंसान हैं हमें इंसानियत होनी चाहिए। मानवता का जो अधिकार हिंदुओं को मिलता है,बाकि अन्य को भी उसी तरह मिलना चाहिए। और अन्य लोगों को भी उतनी अपेक्षा करने चाहिए जितना कि हिंदुओं को मिलता है। कोई अन्य धर्म में या किसी अन्य भाषिक के घर में पैदा हो गया तो, उसे कोई अतिरिक्त सुविधा मिलना चाहिए ऐसा नहीं होना चाहिए। इस पर जो अशांति राजनीति करते हैं। नहीं ऐसा नहीं करना चाहिए जिससे उन्हें बाहर आना चाहिए इसीलिए हम सब की भलाई है।
श्यामजी- ऐडेप्सन पॉलिसी मुद्दे पर आपका क्या कहना है?
गोपाल शेट्टी- बीएमसी को मैंने कह दिया है वह पत्र भी दे दिया है और मैंने प्रेस कांफ्रेंस करके भी कह दिया है। यह मैंने पहली बार नहीं कहा है। यह मैंने 2013 में भी कहा था जब कुंटे साहब कमिश्नर थे।जो भी है जगह उसे लेलो। जनता का जितना पैसा इसमें लगा है; हिसाब करके दे दो हम बहेस नहीं करेंगे। आज जितना करेंगे उतना लेकर पूरा कर देंगे अपना देश है, अपना शहर है। लोगों का शौक था, लोगों ने सपोर्ट किया। लोगों ने पैसे देकर आज-तक किसी ने पैसे नहीं मांगे। मैंने बोर्ड लगया फिर भी कोई पैसे लेने नहीं आया। मुझे लगता है कि लोगों ने अपना एक माइक बना लिया है। जो लोगों ने 10000 - 15000 दिया है बन गया है शौचालय उसे लोग उपयोग कर रहे हैं। इतने में लोग खुश हैं समाधान ये है। मेरा इसमें स्पष्ट मत है मैं चलाऊ या कॉर्पोरेशन लोगों को सुविधा मिलना चलिये। जब अन्य जगहों के लोग मुफ़्त में इस्तेमाल करते हैं; तो बोरोवली के लोगों को दो रुपया क्यों देना चाहिए। लेकिन शहर का हित देखता हूँ; तो लगता है की दो रुपया देना चाहिये। क्योंकि यह कॉर्पोरेशन का काम नहीं। हमारे पास जो माली है वो जो 10000 हजार में काम करता है व
श्यामजी- जनता के लिए आपका क्या संदेश है?
गोपाल शेट्टी- किसी के बहकावे में आकर आपस में मतभेद ना पैदा करें। समझदारी से फैसला करें। सभी को मिल जुल कर एक साथ देश हित के लिए कार्य करना चाहिए।