Tuesday, October 4, 2022

न्यूज़ अलर्ट
1) हिंदी दिवस का आयोजन............ गरवारे में वक्तृत्व स्पर्धा और परिचर्चा संपन्न.... 2) राज्यपाल ने जारी किया ​फिल्म '​भारत के अग्निवीर​'​ का पोस्टर .... 3) श्रीलंका के राष्ट्रपति को स्वयं और परिवार की सुरक्षा का डर, गारंटी स्वरूप सुरक्षित बाहर जाने की रखी शर्त। .... 4) मुंबई में बढ़ते कोरोना केस के बाद सड़कों पर फिर दिखेंगे क्लीन-अप मार्शल?.... 5) पैगंबर साहब पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद नूपुर शर्मा की बढ़ती मुश्किलें .... 6) महाराष्ट्र में आ गई कोरोना की चौथी लहर?.... 7) गरवारे शिक्षण संस्थान-'विश्व पर्यावरण दिवस' पर वृक्षारोपण और पोस्टर प्रतियोगिता....
पुरुष अभिमानी / संगीता शुक्ला
Sunday, March 20, 2022 - 2:20:11 PM - By संगीता शुक्ला

पुरुष अभिमानी / संगीता शुक्ला
संगीता शुक्ला
एक बार पुरुष अभिमानी,
अकड कर स्त्री से वह बोला।
है कोई स्त्री दुनिया में,
जिसने पुरुष के बल को तौला।

हंसती हुई स्त्री बोली,
सुन हे पुरुष अज्ञानी।
सचमुच जो बड़े होते हैं,
होते नहीं इतने अभिमानी।

इस पर कड़क कर पुरुष बोला,
सुन हे स्त्री कमजोर।
मुझमें कितनी ताकत है,
तू नाप सके न उसकी छोर।

मैं वीर शिवाजी जैसा सुर,
मैं महाराणा जैसे बलवीर ।
मुझ में सुभाष का जोश भरा,
मुझमें भगत का बलिदान धरा ।

पर तेरी आखिर क्या है औकात,
मेरे सामने तेरी क्या है बिसात।

फिर हंसकर स्त्री ने दिया जवाब,
कहा सुनो हे अकडू जनाब।
स्त्री को तू कमजोर न आँक,
मेरे सामने मत इतना हाँक।

माना है तू बलशाली,
मुझ में भी तो है शक्ति निराली।
ईश्वर का वरदान है स्त्री,
सुंदरता का प्रमाण है स्त्री ।

पुरुष की पहचान है स्त्री,
शक्ति का परिमाण है स्त्री।
सहनशीलता का जीवित उदाहरण है स्त्री,
सीता जी जैसी पवित्र है स्त्री।
लक्ष्मीबाई जैसी बलवती है स्त्री,
राधा सी धैर्यवती है स्त्री।

अरे सुन! तुझ जैसे पुरुष की माता भी तो है स्त्री।

इस पर थम सा गया पुरुष,
हाथ जोड़कर वह बोला।
माफ करो न झगड़ा कोई,
नहीं बड़ा न कोई छोटा।

दोनों हम हैं जरूरी धरा पर,
एक दूजे बिन हम हैं अधूरे।

दोनों का स्थान अलग है,
न कोई कम है,
न कोई ज्यादा,
नहीं लड़ने का कोई फायदा।
नहीं लड़ने का कोई फायदा।


शिक्षक, कवि तथा पत्रकार संगीता शुक्ला