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“पीएम मोदी ने बर्लिन में भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात कर उनको किया संबोधित”
Tuesday, May 3, 2022 3:08:19 PM - By पायल शुक्ला

पीएम मोदी ने भारतीय मूल के नागरिकों और बच्चों से की मुलाकात ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जब जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए भारतीय समुदाय सड़कों पर उमड़ पड़ा। बर्लिन के ऐतिहासिक ब्रैंडनबर्ग गेट पर हर ओर भारतीय रंग और विविधता नजर आ रही थी। महाराष्ट्र की महिलाओं ने पारंपरिक नौ गज लंबी पैठनी साड़ी में लेजिम नृत्य कर पीएम का स्वागत किया। ड्रम बजा रहे पुणे के ढोल-ताशा समूह के बीच छत्रपति शिवाजी महाराज की वेशभूषा वाला शख्स यहां सबका ध्यान अपनी ओर खींच रखा था। यहां पहुंचने के बाद मोदी ने ट्वीट किया, बर्लिन में अभी सुबह ही हुई है लेकिन भारतीय समुदाय के कई लोग यहाँ पहुंचे हुए हैं। उनसे बात कर अच्छा लगा। अपने लोगों की उपलब्धियों पर भारत को गर्व है। भारतीयों ने अपने प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए ब्रैंडनबर्ग गेट पर नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया था। बर्लिन पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत भारतीय मूल के नागरिकों ने वंदे मातरम, भारत माता की जय और ‘स्वागत छे’ जैसे नारों से किया।
जर्मन धरती पर भारतीय मूल के एक बच्चे द्वारा ‘हे जन्मभूमि भारत, हे कर्मभूमि भारत’ जैसा देशभक्ति गीत सुनकर मोदी इतने अभिभूत हुए कि खुद भी चुटकियां बजाकर उसका साथ दिया। यहां मौजूद लोगों ने भी इस गीत के लिए बच्चे की खूब सराहना की। होटल एडलन केम्पिंस्की में कई भारतीय बच्चों ने उन्हें तस्वीरें दीं, उनसे हाथ मिलाया और देशभक्ति गीत गाए। जर्मनी में भारतीय मूल के दो लाख से अधिक लोग रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बर्लिन में दिन के दौरान देश के नेतृत्व के साथ-साथ शाम को भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करने के बाद अपना सोमवार (स्थानीय समय) का कार्यक्रम खत्म किया। इसी बीच नेटिजन्स ने जर्मनी में उनकी एक पुरानी तस्वीर वायरल कर दी। यह तस्वीर उस समय की है जब वह अपनी पार्टी के कार्यकर्ता थे। यह वायरल तस्वीर कथित तौर पर १९९३ में ली गई थी जब नरेंद्र मोदी अमेरिका की यात्रा से लौटते समय जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में रुके थे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले तीन दशक की राजनीतिक अस्थिरता के वातावरण को सिर्फ एक बटन दबाकर खत्म कर दिया। पीएम मोदी ने देर रात बर्लिन में प्रमुख व्यापारिक नेताओं से मुलाकात की और भारत और जर्मनी के बीच व्यापार संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। इससे पहले बर्लिन के पोट्सडेमर प्लाट्ज ऑडिटोरियम में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि २१वीं सदी का युवा भारत का तेजी से विकास चाहता है और वो जानता है कि इसके लिए राजनीतिक स्थिरता और प्रबल इच्छाशक्ति कितनी जरूरी है। सकारात्मक बदलाव और तेज विकास की आकांक्षा ही थी जिसके चलते २०१४ में भारत की जनता ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार चुनी। ये भारत की महान जनता की दूरदृष्टि है कि साल २०१९ में उसने देश की सरकार को पहले से भी ज्यादा मजबूत बना दिया।

मोदी ने कहा, कोई देश आगे बढ़ता है जब देश के लोग उसके विकास का नेतृत्व करें, देश आगे बढ़ता है, जब देश के लोग उसकी दिशा तय करें। आज के भारत में सरकार नहीं बल्कि देश के कोटि-कोटि जन ही ड्राइविंग फोर्स हैं। मोदी ने कहा, नया भारत सिर्फ सुरक्षित भविष्य की नहीं सोचता, बल्कि जोखिम लेता है। आज 68 हजार से भी ज्यादा हैं और दर्जनों यूनिकॉर्न हैं। मेक इन इंडिया आज आत्मनिर्भर भारत की ड्राइविंग फोर्स बन रही है। उन्होंने कहा, अगर हम वस्तु एवं सेवा को देखें तो पिछले साल, भारत से ६७० बिलियन डॉलर यानी करीब-करीब ५० लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ।

२१वीं सदी के इस तीसरे दशक की सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि भारत वैश्विक बन रहा है। कोरोना के काल में भारत ने १५० से ज्यादा देशों को जरूरी दवाइयां भेजकर कई जिंदगियां बचाने में मदद की। भारत को कोविड वैक्सीन बनाने में सफलता मिली तो हमने अपनी वैक्सीन से करीब १०० देशों की मदद की। पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के बीच सोमवार को यहां संघीय चासंलर कार्यालय में हरित और टिकाऊ ऊर्जा समझौते पर हस्ताक्षर हुए। दोनों देशों के बीच छठे दौर की अंतर सरकारी मंत्रणा (आईजीसी) के तुरंत बाद हरित ऊर्जा पर टास्कफोर्स समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। हरित ऊर्जा के क्षेत्र में जर्मनी वर्ल्ड लीडर माना जाता है। इस समझौते के बाद सिर्फ सौर ही नहीं, पवन ऊर्जा और बायोमास ऊर्जा में भी उसे जर्मनी के अनुभव का लाभ मिलेगा।

भारत और जर्मनी कृषि-पारिस्थितिकी और कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन के लिए सहयोग बढ़ाने पर राजी हो गए हैं। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और जर्मनी के आर्थिक सहयोग और विकास मामलों की मंत्री स्वेंजा शोल्ज ने वर्चुअल मीटिंग के बाद इस आशय की घोषणा पर दस्तखत किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और रूस-यूक्रेन विवाद में कोई भी नहीं जीतेगा। उन्होंने कहा कि इससे सभी को सिर्फ नुकसान होगा। जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी ने सोमवार को कहा, यूक्रेन संकट के आरंभ से भारत ने तत्काल युद्ध रोकने की मांग की है और इस बात पर जोर दिया है कि सिर्फ बातचीत से ही हर विवाद का समाधान हो सकता है। मोदी ने कहा हमारा मानना है कि इसमें कोई विजेता नहीं होगा। यूक्रेन संकट के कारण तेल के दाम आसमान पर हैं, अनाज और खाद की कमी है जिसका असर दुनिया के हर परिवार पर पड़ रहा है। विकासशील और गरीब देश इससे ज्यादा प्रभावित हैं। भारत इस विवाद के मानवीय परिणामों को लेकर चिंतित है।

जर्मन चांसलर शोल्ज ने कहा, रूस ने यूक्रेन पर हमला कर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन किया है। उन्होंने मोदी को जर्मनी में होने वाले जी-7 बैठक के लिए आमंत्रित किया। जर्मनी के साथ भारत के महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश एक जैसे मूल्य साझा करते हैं और इन मूल्यों के आधार पर पिछले वर्षों में हमारे संबंध बहुत आगे बढ़े हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस दौरे में कई चीजें पहली बार हुईं जो दर्शाती हैं कि दोनों देशों के लिए यह साझेदारी कितनी महत्वपूर्ण है।