Monday, May 16, 2022

न्यूज़ अलर्ट
1) “यमुना एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा, ५ महिलाओं की मौत अन्य दो घायल”.... 2) “कराची में देर रात हुआ बम धमाका तीन की मौत, तेरह घायल” .... 3) “कोरोना महामारी के बीच केरल में टोमैटो फ्लू ने दी दस्तक” .... 4) “शिवसेना को बड़ा झटका विधायक रमेश लटके का आज दिल का दौरा पड़ने से निधन”.... 5) श्रीलंका में हिंसा के बाद आम नागरिकों की जिंदगी मुसीबत में। .... 6) “मस्जिद की मीनार पर लगाया भगवा झंडा लोगों में आक्रोश”.... 7) “डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग में भारतीय रिंकू सिंह ने रखा कदम” ....
‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर काव्यसंग्रह का विमोचन
Tuesday, March 8, 2022 10:14:40 PM - By विनय सिंह

‘Women Empowerment through Poetry’
पिछले कई सालों से ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ महिलाओं के लिए वैश्विक स्तर पर एक नए आयाम की पहल बन रहा है। राष्ट्रीयता, जातीयता, सांस्कृतिक और भाषिक सीमाओं को लांघ कर, सिर्फ और सिर्फ विभिन्न स्तरों का प्रतिनिधित्व करनेवाली महिलाओं के कर्तृत्व का सम्मान इस दिन किया जाता है। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय संबंध व रणनीति अभ्यास स्कूल और डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय संशोधन केंद्र, मुंबई विश्वविद्यालय के माध्यम से ‘महिला दिवस’ मनाने का एक बेहेतरीन प्रयास एक पुस्तक के रूप में किया है। पुस्तक का शीर्षक ‘Women Empowerment through Poetry’ है। यह पुस्तक एक कोशिश है जिसमें महिलाओं की विविध भूमिकाओं, उनके जीवन प्रयास, संघर्ष और जीत के आयामों की चर्चा प्रस्तुत की गई है। यह पुस्तक तीन भाषाओं की कविताओं का संपादन है।
आयशे देबनाथ, आरुषि शर्मा, मनीषा कर्णे, अपर्णा फडके, सतीशचंद्र कुमार और राजेश खरात इसके संपादक हैं। पुस्तक का प्रकाशन अड्रॉइट पब्लिकेशन हाऊस, दिल्ली ने किया है। संपादक मंडली मानसशास्त्र, वाङ्मय, अंतरराष्ट्रीय संबंध, अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति, भूगोल जैसे कई विषयों में विशेष ज्ञान रखते हैं। इतने विविध पेशेवरों में अध्ययन के निजी अनुभव और कविता के प्रति लगाव एक साथ इस पुस्तक के संपादन में लगे हैं। पुस्तक की अभिव्यक्ति का माध्यम कविता है। शेली के शब्दों में कहा जाए तो, ‘कविता एक ऐसा आईंना है जो विच्छेदन को भी सुंदर बनाता है। कविता कॅनव्हास के ऊपर जताई गई असली जिंदगी की भावना और कल्पनाशीलता का अद्भुत मिश्रण है’। इन कविताओं की विविधता वाचकों को महिलाओं की समस्या, संघर्ष और रूकावटों को उपलब्धि में बदलना और उंचाई को छूना यह अवगत कराती है। इस पेंचीदे पुरुषवादी समाज में, न रुकनेवाली समानता, न्याय और लिंगभेद की लड़ाई में महिलाओं ने खुद की एक पहचान व स्थान हासिल किया है। इस पुस्तक में पुरस्कार प्राप्त प्रसिद्ध कवि, उभरते छात्र, शासकीय अधिकारी एवं मुंबई विश्वविद्यालय के अध्यापकों ने अपना योगदान दिया है। संपादक मंडली एवं कवि दोनों को महिलाओं की क्षमता पर विश्वास है कि वो कहीं से भी उठकर अपने सपनों को सच्चाई में बदलने की ताकत और मंजिले हासिल करने की चाह रखती हैं। यह कविता संग्रह अंग्रेजी, हिंदी और मराठी भाषाओं में एक सौ अड़तीस कविता को एकत्रित कर एक प्रभावशाली, धैर्य से भरी 'नारी' के ऊपर लिखे गए विविध दृष्टिकोणों का प्रतिनिधित्व करती है। यह कविता संग्रह उन लोगों के लिए है जो महिलाओं द्वारा समाज, देश और विश्व बदलने के उनके दृढ़ निश्चय और धैर्य में विश्वास रखते हैं।