Wednesday, November 20, 2019

न्यूज़ अलर्ट
1) खूंखार आतंकी बगदादी की मौत को लेकर ट्रंप ने बोला झूठ? ताजा रिपोर्ट्स में नए खुलासे से मची खलबली.... 2) बैन झेलने के बाद Lionel Messi की अर्जेंटीना फुटबॉल टीम में हुई वापसी.... 3) येस बैंक को सितंबर तिमाही में हुआ 629 करोड़ रुपये का एकीकृत घाटा.... 4) महाराष्‍ट्र में सरकार गठन पर बोले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, लोगों को जल्‍द ही पता चल जाएगा कि....... 5) कांग्रेस का दावा, WhatsApp स्पाइवेयर के जरिए प्रियंका गांधी का फोन भी किया गया हैक.... 6) बीच पर छठ पूजा देखने पहुंचे ऋतिक रोशन.... 7) अनु मलिक पर एक बार फिर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप, नेहा भसीन ने कहा ‘दरिंदा'....
पत्रकारिता के छात्रों ने मनाया हिंदी दिवस- वाद-विवाद, परिचर्चा और कवि सम्मेलन का आयोजन
Saturday, September 14, 2019 12:10:31 AM - By जावेद अहमद

मुंबई विश्वविद्यालय के गरवारे हिंदी पत्रकार संस्थान में मनाया गया हिंदी दिवस
हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा संचालित गरवारे शिक्षण संस्थान, हिंदी जनसंचार और पत्रकारिता पाठ्यक्रम के छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। कार्यक्रम के पहले सत्र में वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी नंदकिशोर नौटियाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सरोज त्रिपाठी ने नंदकिशोर नौटियाल से जुड़े अनेक अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला। दूसरे सत्र में प्रशिक्षु पत्रकारों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता और तीसरे सत्र में परिचर्चा के साथ ही काव्यपाठ का आयोजन किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता और परिचर्चा का विषय था, 'क्या मीडिया में क्रिकेट, सिनेमा और क्राइम की ख़बरें हावी हुई हैं?'



परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार अभय मिश्रा ने माना कि, क्रिकेट, सिनेमा और क्राइम की ख़बरों के साथ ही मानवीय मूल्यों से जुड़ी ख़बरों को भी प्राधान्य मिलना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार और फैकल्टी सैयद सलमान ने समाचार पत्रों के पाठकों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दर्शकों को मीडिया पर ऐसी ख़बरों को महत्व देने का दबाव बनाने पर ज़ोर दिया। इस अवसर पर पूर्व शिक्षा निरीक्षक राजदेव यादव ने शिक्षा एवं पत्रकार शैलेश तिवारी ने मीडिया में विज्ञापन विषय अपने विचार रखे। कवि सम्मेलन में अभय मिश्र, सैयद सलमान, सुनील सावंत, धीरज गिरी ने कविताओं, गीतों और गजलों की प्रस्तुति की, जबकि धनंजय मिश्रा और अफसाना कुरैशी ने स्वरचित प्रेरक गद्य रचनाएं सुनकर समां बांधा। प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार विनय सिंह, द्वितीय पुरस्कार सुनील सावंत और संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार अफसाना कुरैशी और धीरज गिरी को मिला। कार्यक्रम के अलग अलग-अलग सत्र का संचालन विनय सिंह, सुनील सावंत और पुरुषोत्तम कनौजिया ने किया। लखन सिंह ठाकुर, प्रिंस तिवारी और अनिरुद्ध तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया।