Thursday, June 20, 2019

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भारत की तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक, म्यांमार सीमा पर आतंकियों के 12 ठिकाने किए ध्वस्त
Saturday, March 16, 2019 10:47:02 AM - By एजेंसी

भारतीय सेना ने म्यांमार के साथ उग्रवादियों के खिलाफ की बड़ी कार्रवाई, कई कैंप तबाह
सेना ने म्यांमार की सेना के साथ मिलकर भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित उग्रवादियों के कई कैंपों को निशाना बनाया। भारत और म्यांमार की सेनाओं ने म्यांमार के क्षेत्र में उग्रवादियों के खिलाफ 17 फरवरी से 2 मार्च तक समन्वित अभियान में उनके 12 ठिकानों को तबाह कर दिया। यह अभियान कालादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट परिवहन परियोजना पर संभावित खतरे को टालने के लिए चलाया गया। इस अभियान में 12 हजार ये ज्यादा भारतीय जवानों ने भाग लिया।
सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने सीमा पार जाकर कार्रवाई करने की खबरों से इनकार किया। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने इस अभियान के दौरान सीमा पार नहीं की। गौरतलब है कि इसी दौरान भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के आतंकी शिविर पर हवाई हमला किया था। अधिकारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य म्यांमार के उग्रवादी समूह अराकान आर्मी के सदस्यों पर कार्रवाई करना था। हाल के समय में म्यांमार सीमा में दक्षिणी हिस्से में काफी संख्या में असम राइफल्स की टुकड़ी तैनात की गई थी।
असम राइफल्स ने म्यांमार सेना के साथ मिलकर उग्रवादियों के खिलाफ यह कार्रवाई की। उग्रवादी म्यांमार में कालादान परियोजना पर काम कर रहे भारतीय कर्मियों को हमले की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे थे। यह परियोजना भारत द्वारा वित्तपोषित है। अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान भारतीय सेना ने नगालैंड और मणिपुर से लगी सीमा के पास सुरक्षा बढ़ाई ताकि उग्रवादी भारत की ओर नहीं आ सकें।
सेना के अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान म्यांमार की सेना को हमने सैन्य साजो सामान मुहैया कराए। इसके अलावा भारत ने म्यांमार सेना को रेडियो सेट भी दिए ताकि ऑपरेशन के दौरान दोनों सेनाओं में संपर्क रहे और किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
सेना के एक दूसरे वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि भारत और म्यांमार के ऑपरेशन से पहले दोनों देशों के अधिकारी संपर्क में थे। इस दौरान कई दौर की बैठक के बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई। अधिकारी ने बताया कि इस दौरान हमने म्यांमार सेना के साथ समन्वय में काम किया और हमारा मुख्य उद्देश्य इन उग्रवादियों को भारत आने से रोकना था।
सेना के अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान म्यांमार सेना का एक जवान आईईडी विस्फोटक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान उन्होंने दो भारतीय जवानों के शहीद होने की खबरों को भी खारिज किया।