Sunday, September 22, 2019

न्यूज़ अलर्ट
1) अरामको पर हमले के बाद सऊदी में सेना भेजेगा अमेरिका, ईरान ने भी तरेरी आंख.... 2) जल्द 10 की जगह 11 अंक का होगा मोबाइल नंबर.... 3) बड़ी खबर : एयर इंडिया के विमान पर तूफान का कहर, .... 4) चढ़ेगा चुनावी बुखार : महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को होगा चुनाव, 24 अक्टूबर को आएँगे नतीजे.... 5) टीवी चैनल पर लगा ढाई लाख का जुर्माना .... 6) मुंबई के पूर्वी उपनगरों में 'गैस रिसाव': ख़बर से बेचैनी- नागरिक उलझन में.... 7) राजनाथ सिंह ने तेजस में भरी उड़ान- उड़ान भरने वाले पहले रक्षामंत्री ....
उर्मिला मातोंडकर का कांग्रेस से इस्तीफा- पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी से थीं परेशान
Tuesday, September 10, 2019 4:00:43 PM - By न्यूज़ डेस्क

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष को लिखा था पत्र, पत्र लीक करने का लगाया आरोप
बॉलीवुड से राजनीति में भाग्य आजमाने आईं उर्मिला मातोंडकर का दिल बहुत जल्द राजनीती से उचट गया और उन्होंने आज कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया. पार्टी छोड़ने का कारन उन्होंने पार्टी की गुटबाजी को बताया है. मुंबई कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से नाराज उर्मिला ने कहा कि मेरी राजनीतिक और सामाजिक संवेदनाएं बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए हैं, लेकिन मुंबई कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के कारण मैं ऐसा कर नहीं पा रही हूं.जारी बयान में उर्मिला मातोंडकर ने कहा कि मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे चुकी हूं. मैं पहली तब इस्तीफा के बारे में सोचना शुरू कर दिया जब मेरे बार-बार के प्रयास के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया गया और बाद में तब के मुंबई कांग्रेस के प्रमुख मिलिंद देवड़ा को पत्र लिखा था. बाद में मेरे पत्र को लीक कर दिया गया जो कि गोपनीय था. यह मेरे साथ विश्वासघात था.उर्मिला ने प्रचार अभियान के दौरान मुंबई के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम के करीबी सहयोगियों संदेश कोंडविल्कर और भूषण पाटिल के आचरण की आलोचना की थी. यह पत्र लोकसभा चुनावों के परिणाम आने से एक सप्ताह पहले 16 मई का था. उर्मिला ने यह गोपनीय खत लीक होने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था. देवड़ा ने चुनावों में पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उर्मिला ने एक बयान में कहा था, 'यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गुप्त संवाद वाला गोपनीय पत्र सार्वजनिक कर दिया गया।'
उर्मिला ने त्यागपत्र देने के बाद कहा कि कहने की जरूरत नहीं है कि पार्टी में किसी भी व्यक्ति ने मेरे बार-बार के विरोध के बावजूद माफी नहीं मांगी. गौरतलब है कि मुंबई उत्तर में कांग्रेस के घटिया प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से जिन लोगों का मेरे पत्र जिक्र था, उनके खिलाफ उनके कृत्यों के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि उन्हें नए पदों से पुरस्कृत ही किया गया.हालांकि, यह स्पष्ट है कि मुंबई कांग्रेस के प्रमुख पदाधिकारी पार्टी की बेहतरी के लिए संगठन में बदलाव और परिवर्तन लाने में असमर्थ हैं. मुंबई कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से नाराज उर्मिला ने कहा कि मेरी राजनीतिक और सामाजिक संवेदनाएं बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए हैं, लेकिन मुंबई कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के कारण मैं ऐसा कर नहीं पा रही हूं.उर्मिला ने मुंबई उत्तर लोकसभा सीट से बतौर कांग्रेस कैंडिडेट चुनाव लड़ा था लेकिन चुनाव में उन्हें बीजेपी के नेता गोपाल शेट्टी से करारी शिकस्त मिली थी. बताया जा रहा है कि उर्मिला ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को संबोधित इस्तीफे का खत 7 सितंबर को ही लिखा था.