Wednesday, May 27, 2020

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भारत ने कैसे निकाला अपने लोगों को चीन से ?
Wednesday, February 5, 2020 - 3:53:12 PM - By पुरुषोत्तम कनौजिया

भारत ने कैसे निकाला अपने लोगों को चीन से  ?
कोरोना का आतंक
भारत ने अब तक चीन के वुहान शहर से 654 लोगों को निकाला है जिसमें से 647 भारतीय और 7 मालदीव के नागरिक हैं। यह पूरा ऑपरेशन 96 घंटे चला जिसमे एयर इंडिया के दो विमानों के साथ कई कर्मचारियों ने मदद की। इस दौरान भारत के सामने स्वास्थ्य के साथ- साथ राजनयिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। इस दौरान दिल्ली को कई बार बीजिंग से संपर्क करना पड़ा । इन दोनों के सहयोग से ही ऑपरेशन सफल रहा ।

शुरुआती घटनाक्रम

बीजिंग में भारतीय दूतावास को जनवरी की शुरुवात में कोरोनावायरस से संक्रमण के दो से तीन लोगों के संक्रमित होने की खबर मिली थी । उसके बाद 20 जनवरी तक पूरी चीनी मीडिया में इस संक्रमण की खबर जंगल में आग की तरह फ़ैल गई । जिसके बाद विश्व के अन्य देशों के साथ साथ भारत की चिंता भी अपने लोगो को लेकर होने लगी। 22 जनवरी तक चीन में कोरोनावायरस से 17 लोगों की मौत हो चुकी थी और 571 लोगों के संक्रमित होने की खबर मिली । जिसके बाद चीन में भारत के एंबेसडर विक्रम मिस्त्री ने हुबेई प्रांत में रहने वाले भारतीयों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की । फिर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में जब चीन के विदेश मंत्री पहुंचे तो उनसे इस मसले पर चर्चा हुई । जिसके बाद भारतीयों को वहां से निकालने की कोशिश शुरू हुई।

किन मुश्किलों से हुआ सामना

सबसे बड़ी चुनौती हुबेई प्रांत में रहने वाले भारतीयों की पहचान करने की थी। इस प्रांत में लगभग 50 मिलियन लोग रहते हैं। चीन में रहने वाले भारतीयों को भारतीय एंबेसी में रजिस्टर करवाने की आवश्यकता नहीं है इसलिए भारत के पास वहां रह रहे भारतीयों का कोई भी आंकड़ा मौजूद नहीं था ।
26 जनवरी के बाद भारतीय एंबेसी ने सोशल मीडिया पर हेल्पलाइन नंबर जारी किया । पर चीन में ट्विटर और फेसबुक चलाने पर पाबंदी है । जिसके कारण जल्द संपर्क साधना मुश्किल था । एंबेसी के कुछ अधिकारी चीन के मैसेजिंग एप वेबचैट का इस्तेमाल करते हैं।जिसके माध्यम से भारतीयों से संपर्क साधकर मदद का भरोसा दिया गया ।
जब लगातार इस वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने लगी ।उसके बाद बीजिंग और दिल्ली के बीच बातचीत प्रारंभ हुई । कई दौर कि वार्ता के बाद भारतीयों को वहां से निकालने का निर्णय लिया गया । अब तक एंबेसी के लोगो ने भारतीयों का आंकड़ा और उनके रहने के स्थान का पता लगा लिया था ।
वहां कुल 750 भारतीय लोगों की पहचान हुई थी । जिसमे से आधे लोग वुहान शहर में रहते थे और आधे लोग शहर से लगभग 500 किलोमीटर दूर।
उसके बाद एक एक कर सभी को बसों से वुहान एयर पोर्ट पर लाया गया जहां एयर इंडिया के विमान उनका इंतजार कर रहे थे । उसके बाद दो विमानों के माध्यम से भारतीयों को वहां से सुरक्षित भारत लाया गया।