Sunday, October 20, 2019

न्यूज़ अलर्ट
1) अभिवन बिंद्रा पर भड़कीं मैरी कॉम, कहा- बॉक्सिंग में दखल ना दें.... 2) फेसबुक दुनिया के शीर्ष 10 ब्रैंड से हुआ बाहर, एप्पल पहले स्थान पर.... 3) कमलेश तिवारी के बेटे ने कहा- मुझे किसी पर नहीं विश्वास, हो एनआईए जांच.... 4) तुर्की के PAK समर्थित स्टैंड पर भारत का जवाब, PM मोदी ने रद्द की अपनी यात्रा.... 5) बॉलीवुड के तीनों खान ने दोहराए गांधीजी के विचार, PM मोदी ने शेयर किया वीडियो.... 6) नहीं चला लाल कप्तान का जादू, पहले दिन ही सैफ की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम.... 7) सऊदी अरब: मदीना में भयानक सड़क हादसा, 35 विदेशियों की मौत....
जम्मू में विपक्षी नेताओं ने पाबंदियां हटने का किया दावा
Wednesday, October 2, 2019 - 9:38:13 PM - By न्यूज डेस्क

प्रतीकात्मक चित्र
जम्मू में गैर भाजपा दलों के नेताओं ने बुधवार को दावा किया कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद उन पर करीब दो महीने से लगी पाबंदियों को प्रशासन ने हटा लिया है. वहीं, अधिकारियों ने कहा कि ये महज खुद से लगायी गयीं पाबंदियां थीं.

अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को केंद्र सरकार द्वारा पांच अगस्त को खत्म करने की घोषणा के बाद पूर्व मंत्रियों और विधायकों सहित कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था. कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री रमन भल्ला ने बताया, हमें एक थाना प्रभारी ने बताया कि मुझ पर लगी पाबंदियां हटा ली गयी हैं और अब मैं स्वतंत्र रूप से घूम सकता हूं. नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के नेता और पूर्व विधायक देवेंद्र सिंह राणा ने कहा, पुलिस ने मुझे बताया है कि मैं किसी भी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा लेने के लिए स्वतंत्र हूं क्योंकि हमारे ऊपर लगी पाबंदियां हटा ली गयी हैं. इस तरह के दावे करने वाले अन्य नेताओं में नेशनल कांफ्रेंस के जावेद राणा, एसएस सलाथिया और सज्जाद किचलू, कांग्रेस के विकास रसूल और जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के हर्षदेव सिंह शामिल हैं.

बहरहाल, जम्मू के संभागीय आयुक्त संजीव वर्मा ने कहा कि इन नेताओं को कभी भी हिरासत में नहीं लिया गया और वे राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए स्वतंत्र थे. उन्होंने कहा, हमने उन्हें कभी नहीं रोका. उन्होंने खुद से पाबंदियां लगा रखी थीं. उन्होंने कहा कि देवेंद्र सिंह राणा जम्मू के बाहरी इलाके में 29 सितंबर को नवरात्र से जुड़े समारोहों में स्वतंत्र रूप से हिस्सा ले रहे थे और वे पहले भी स्वतंत्र रूप से घूम रहे थे. वर्मा ने कहा, अगर नजरबंदी रहती तो वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा कैसे लेते.