Sunday, September 22, 2019

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मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से निरुपम की छुट्टी- मिलिंद देवड़ा बने नए अध्यक्ष
Monday, March 25, 2019 10:33:24 PM - By सैयद सलमान

निरुपम को टिकट मिला लेकिन पद गया- मिलिंद को मिली मुंबई कांग्रेस की कमान
कांग्रेस आलाकमान ने आखिर मुंबई कांग्रेस में फेरबदल कर संजय निरुपम की छुट्टी कर दी और मुंबई कांग्रेस की कमान मिलिंद देवड़ा को सौंप दी। हालाँकि संजय निरुपम को मुंबई उत्तर पश्चिम से टिकट देकर कुछ हद तक उनका सम्मान बनाए रखा गया है। इस राजनैतिक उलटफेर को 'एक हाथ दे, एक हाथ ले' के रूप में लिया जा रहा है। वैसे मिलिंद मिलिंद देवड़ा को पहले ही दक्षिण मुंबई से प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है। मिलिंद देवड़ा यूपीए सरकार में मंत्री रहते हुए देश के टेलीकॉम, आईटी मंत्री का पद संभाल चुके हैं। सौम्य स्वभाव के मिलिंद देवड़ा की छवि संजय निरुपम की आक्रामक छवि से बिलकुल उलट है। मिलिंद देवड़ा ने नई जिम्मेदारी मिलने पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी का आभार जताया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी निष्ठावान कांग्रेसी को मुंबई अध्यक्ष बनाए जाने पर राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी का आभार माना है।
बात दें कि मिलिंद देवड़ा और संजय निरुपम के बीच मतभेद की ख़बरों के बीच मुंबई कांग्रेस के कई बड़े नेता संजय निरूपम के खिलाफ हो गए थे और उन्हें पद से हटाने की मांग की जा रही थी। संजय निरुपम को पद से हटाने को लेकर कई प्रतिनिधिमंडल आलाकमान से मिल चुका था। लेकिन भाजपा के खिलाफ लगातार आंदोलनों का हवाला देकर संजय निरुपम खुद को बचा ले जा रहे थे। ज्ञात हो कि पूर्व मंत्री और मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय गुरुदास कामत के जीवनकाल में ही संजय निरुपम के पार्टी के बड़े नेताओं से मतभेद शुरू हो गए थे। संजय निरुपम ने कामत की सीट से अपना दावा ठोंक रखा था जिस से मुंबई कांग्रेस की गुटबाज़ी और बढ़ गई थी। कामत की मौत के बात संजय निरुपम और भी आक्रामक रूप से इस सीट पर अपना प्रचार तंत्र चला रहे थे। कमत-निरुपम के बीच की रंजिश का असर संजय निरुपम को झेलना पड़ सकता है।
वहीं दूसरी ओर मिलिंद देवड़ा को मुंबई कांग्रेस की कप्तानी देकर राहुल गाँधी ने मुंबई कांग्रेस की गुटबाज़ी पर कुछ हद तक विश्राम लगाने की कोशिश की है। मिलिंद देवड़ा को मुंबई कांग्रेस के सभी गुटों का समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। चूँकि संजय निरुपम खुद चुनाव लड़ रहे होंगे और ऐसे में उनके और उनके समर्थकों से किसी प्रकार के विरोध की कोई गुंजाईश बाकी नहीं रहेगी। हालाँकि एक टीवी चैनल से अपनी मुलाक़ात के दौरान मिलिंद देवड़ा को 'काँटों का ताज' मिलने की बात कहकर संजय निरुपम अपने दर्द को छलकने से नहीं रोक पाए।