कांग्रेस पर सलमान खुर्शीद के बयान से मचा घमासान
सलमान खुर्शीद

कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे औऱ पार्टी की हालत पर जो बयान दिया उसके बाद घमासान मच गया. खुर्शीद के बयान पर कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन पार्टी के नेता राशिद अल्वी ने जरूर पलटवार पर किया है.

उन्होंने कहा है कि पार्टी के भीतर ऐसे नेता हैं, जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं.राशिद अल्वी ने कहा, हर दूसरे कांग्रेस नेता अलग अलग राग अलाप रहे हैं. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. घर को आग लग गई, घर के चिराग से.

राहुल गांधी के इस्तीफे पर राशिद अल्वी ने कहा कि राहुल गांधी गलत नहीं थे, उन्हें कुछ नेताओं का समर्थन नहीं मिला, इसलिए राहुल ने इस्तीफा दे दिया. साथ ही अल्वी ने कहा कि साल 2004 में सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. इधर, सलमान खुर्शीद के बयान को बीजेपी ने लपकने में कोई देर नहीं की.

पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस द्वारा हार स्वीकार कर लेने के रूप में पेश किया. उन्होंने कहा कि सलमान खुर्शीद ने माना कि राहुल गांधी भाग गए. सोनिया गांधी अपने आप को स्टॉप गेप अरेंजमेंट कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में देखती हैं. उनके बयान का अर्थ है कि कांग्रेस 'नेता विहीन' 'नीति विहीन' और 'नीयत विहीन' है.

सलमान खुर्शीद ने क्या कहा था
भारत के पूर्व विदेश मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने पार्टी की हालत चिंता जताते हुए खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने इशारों इशारों में ही कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी अपनी जिम्मेदारी छोड़ कर भाग गए. खुर्शीद ने कहा है कि पार्टी संघर्ष के दौर से गुजर रही है. हरियाणा और महाराष्ट्र में होने जा रहे चुनाव में पार्टी के जीतने की संभावना ही नहीं है.

एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि न केवल आगामी राज्य विधानसभा चुनाव बल्कि कांग्रेस पार्टी की हालत ऐसे स्तर पर पहुंच गई है कि यह अपना भविष्य तक नहीं तय कर सकती है.उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ना हम सभी के लिए एक बड़ा झटका था.

खुर्शीद ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी से लगातार नेताओं को छोड़ने का सिलसिला जारी है और अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद उससे उबरने में काफी देर लगा दी. खुर्शीद ने कहा- वास्तव में एक साथ इसका विश्लेषण नहीं किया कि क्यों लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. हमारी सबसे बड़ी समस्या ये है कि हमारे नेता भाग रहे हैं.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी पार्टी में अभी भी सबसे वफादार बने हुए हैं. यह पहला मौका है, जब कांग्रेस के किसी नेता ने राहुल गांधी के इस्तीफे के लिए 'छोड़ जाने' जैसे शब्द का इस्तेमाल किया है. खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद एक खालीपन पैदा हुआ है. यह संकट तब और बढ़ता दिखता है, जब सोनिया गांधी उनके स्थान पर अस्थायी तौर पर कमान संभाल रही हैं.

पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर कहा कि मैं नहीं चाहता था कि राहुल गांधी इस्तीफा दें. मेरी राय थी कि वह पद पर रहें. मैं मानता हूं कि कार्यकर्या भी यही चाहते थे कि वह बने रहें और नेतृत्व करें. उन्होंने कहा कि यह एक खालीपन जैसा है. सोनिया गांधी ने दखल दिया है, लेकिन साफ संदेश है कि वह एक अस्थायी व्यवस्था के तौर पर हैं. मैं ऐसा नहीं चाहता.